500+ Motivational Story In Hindi – प्रेरणादायक कहानियां

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500+ Motivational Story In Hindi - प्रेरणादायक कहानियां

World’s best real-life inspirational true motivational  story in Hindi

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम एक राजा और सैनिक के बीच  अटूट विश्वास के बारे जानेगे जो हमे इस  achi kahaniसे  कुछ अपनी लाइफ में सीखना जरूरी है। 

एक राजा और सैनिक के बीच विश्वास की कहानी ( real motivational  story in Hindi)

एक बार एक राजा  जो तिरुप राज्य के  राजा थे। उनकी सेना में काफी सैनिक और सेनापति थे। लेकिन राजा इस kahani में एक शिव नाम के सैनिक पर बहुत भरोसा करते थे। जिसको देख सारी सेना के सैनिक और सेनापति हमेशा परेशान रहते थे। क्योकि राजा कोई भी काम उस सैनिक से पूछकर करते थे। जिसके चलते सबको लगता की राजा बाकि सब पर नहीं करते है। राजा के शिव पर  विश्वास का सबसे बड़ा कारण  शिव की ईमानदारी और विश्वास को बनाये रखना था। शिव राजा के पास 30 सालो से अपनी पूरी सेवा में लगा रहता था और दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो चुकी थी। 

इस moral kahani में शिव  अपने परिवार की तरफ भी ध्यान नहीं देता था। वह राजा के हर आदेश पर खड़ा रहता था। चाहे राजा शिव को कभी भी बुलाये दिन हो या रात शिव राजा के लिए हाजिर हो जाता था। तीस सालो से शिव राजा के लिए बिल्कुल विश्वास  के योग्य  मित्र बन चूका था  

लेकिन समय बदलता है  और राजा के सभी  सैनिक और सभा के लोग उनके शिव पर विश्वास के संबंध से बहुत चिड़ते थे। इसलिए शिव को गलत साबित करने के लिए योजना बनायी जाने लगी। इसकी भनक राजा और शिव दोनों को बिल्कुल नहीं थी। 

राजा का टुटा  विश्वास (Best  motivational  story in Hind)

अब इस  kahani ने मोड़ लिया और 30 साल के  विश्वास को तोड़ने के लिए योजना बन  चुकी थी। शिव के खिलाफ झूठे  सबूत  बना लिए गए  और राजा को पेश किये गए और शिव को सभा में बुलाया गया। वही झूठे सबूतों पर राजा को यकीन हो चुका था। राजा ने शिव को मौत की सजा सुना दी। 

इसके बाद शिव ने राजा से 10 दिन तक की मोहलत मांगी कहा  मुझे इतने दिन के लिए आजाद किया जाये। ताकि मैरे ऊपर जितने कर्ज है उन्हें चूका सकू और  मेरी  पूरी सम्पति को अलग कर  मेरे बच्चो में बराबर बाट सकू तो राजा ने शिव को अनुमति दी। कहा 10 दिन के बाद मौत की सजा दी जाएगी 

सजा  का नियम 

पहले के समय किसी भी दोषी को नियम अनुसार मौत की सजा होने पर  जंगली कुतो के सामने छोड़ दिया जाता था। और वो कुत्ते उसकी पूरी चमड़ी को निचोड़ लेते थे  और उसकी  मौत हो जाती थी। 

शिव ने खुद को सच्चा साबित किया 

real-life inspirational  कहानी में शिव अपने घर जाता है और 100 सोने की मुद्रा लेकर महल चला जाता है। अब kahani में बदलाव आता है। शिव उन सोने की मोहरो को दरबार में जो शिकारी  कुतो  का ख्याल रखता है। उसे शिव 100 सोने की मोहरे देता और कहा 10 दिन तुम इन जंगली कुतो को मेरे लिए छोड़ दो। क्योकि इनकी पूरी सेवा में करुगा। शिकारी ने अनुमति दी  कहा राजा व दरबार में किसी को पता नहीं चलना चाहिए। 

10 दिन तक इस prernadayak  कहानी में शिव ने उन कुत्तो को Family की तरह प्यार दिया और खूब  सेवा  की और उन कुत्तो के बीच खेलता  खुदता था। depression के समय  में बिल्कुल  दोस्त की तरह  रहा अब 10 दिन पुरे हो चुके थे। और राजा ने आदेश दिया शिव को उन कुत्तो के सामने डाल दिया  जाये। जब शिव को उन जंगली कुत्तो के सामने फेका गया। तब सब कुछ story में बदल चूका था क्योकि इस prernadayak  small motivational hindi story में कुत्ते  शिव के ऊपर चढ़े लेकिन उसे खाने के लिए नहीं  बल्कि प्यार करने हेतु सब हैरान हो  चुके थे। 

शिव ने कहा कुछ झूठे सबूतों को देखकर आपने मैरे 30 साल के विश्वास को झूठा मान लिया। राजा बहुत शर्मिंदा हुआ और उससे माफ़ी मांगी  कहा जब यह जानवर मुझे 10 दिन में समझ  तो फिर आपने कैसे विश्वास कर लिया और यदि में साबित नहीं करता की में सही हु। आप मौत की सजा मुझे दे चुके होते 

निष्कर्ष : इस emotional kahani  का  moral निष्कर्ष यह बनता है की आप चाहे स्टूडेंट या business men किसी भी जगह पर रहे  लेकिन Success पाने और खुद को  साबित करने किये एक्शन लेना होगा। अपने काम में बने रहे  क्योकि 5 की मेहनत amazing story  बनकर बाहर निकलेगी 

2. short motivational Hindi stories with moral2022-23

1.ईमानदारी का फल मीठा (powerful inspirational story in hindi )

 small motivational Hindi story की शुरुआत यह होती  है की एक दुकानदार  सेठ और उसके दो मजदूर होता जिनकी  ईमानदारी को देखने के लिए सेठ  कुछ तरीके अपनाता  है जिससे पता चल सके की आज भी वह ईमान का पक्का है या नहीं 

एक दिन सेठ काफी समय से बाहर जाने के बारे में सोचता है और उसके मजदूर रामु से पूछता  है  रामु क्या में अपने परिवार के साथ घूमने चले जाऊ। और रामु कहता है सेठ जी चले जाओ। हम दोनों यहां काम को पुरे तरीके से अपनी नज़र में रखेगे। इसके बाद सेठ जी रामु को बताते में बाहर जा रहा हु और 10 दिन बाद लौटूंगा पुरे काम की देख रेख करना।  और सेठ दोनों मजदूरों की ईमानदारी को देखने के लिए पैसे छोड़ जाता है। 

सेठ जी को गए पुरे पांच दिन हो जाते है और काम सही तरीके से चल रहा होता है। रामु हमेशा की तरह अपने काम में पुरे दिल से लगा रहता है। वही दूसरा मजदूर नया होता है  और आलसी भी रामु उसको काम के लिए बोलता वह  मना कर देता है क्योकि सेठ जी वहा नहीं होते थे। लेकिन एक दिन पैसो के बैग पर नए मजदूर की नज़र पड़ती है। और  वह सेठ के नहीं होने का फायदा उठा लेता है। क्योकि रामु को बेग के बारे में कुछ पता नहीं होता है। वह अपने काम में पुरे दिन मस्त रहता और शाम को हिसाब सेठ जी को फोन पर बता देता था। 

 अब  अगले दिन सेठ जी वापस आते है। फिर दोनों मजदूर को बुलाता है और पूछता की  यहां एक बेग रखा था। जिसमे मेने काफी पैसे रखे थे। रामु बोलता है सेठ जी बेग के संबध मुझे कुछ नहीं पता हमने नहीं चुराया लेकिन सेठ ने सबको धमकाया और पोलिस के लिए धमकी दी। सबने सेठ के पाव पकड़ लिए और पुलिस में मत कहो। लेकिन सेठ ने कहा में एक बाबा को बुलाता हु जो मुझे बतादेंगे की पैसे किसने चुराये है। 

सेठ ने बाबा को पहले ही बता दिया था। acchi kahani में मोड़ आने वाला था। और बाबा दुकान पर आकर दो बड़े लकड़ी के टुकड़े दोनों को देखकर कहता है की दोनों में जिसने पैसे चुराए उसकी लकड़ी बड़ी  जाएगी  पूरी रात भर में और बाबा चले गये। और अगले दिन दोनों मजदूर की लकड़ी मांगी गयी पर दूसरे मजदूर की लकड़ी कटि पायी गयी। जिससे पता चला की दूसरा मजदूर चोर था। और रामु को सेठ गले लगाकर कहा आज से तुम दुकान के मैनेजर  और दूसरे को पुलिस के हवाले कर दिया। उसके बाद रामु उस ईमानदारी से दुकान की देख रेख करता रहा। 

एक दिन रामु के सेठ ने उसे नई दुकान गिफ्ट में देती। उसके बाद रामु खुद की दुकान चलना लगा। 

prernadayak  small motivational Hindi story से हमको सिखने को मिलता है। हमे अपनी पूरी ईमनदारी और निष्ठा के साथ काम करते रहना चाहिए क्योकि ईमानदारी  का फल मीठा और पुरे जीवन में सम्मान से जीने के लिए अच्छा होता है। 

इसलिय हमारे साथ बने रहे जिससे हम हमारे पाठको के लिए kahani acchi acchi  hindi में लिखते रहे  धन्यवाद 

टोपीवाला और बंदर (True Motivational Story In Hindi )

2 टोपीवाला और बंदर (True Motivational Story In Hindi )

एक दिन एक आजमाया हुआ कैप्सेलर अपनी गठरी के साथ एक गांव से गुजर रहा था। उसने एक पेड़ के नीचे आराम करने का फैसला किया। वह जल्द ही सो गया। अचानक कुछ बंदर आए और उसकी सारी टोपियां उठा कर पेड़ पर चढ़ गए।

जब टोपीवाले की नींद खुली तो उसने देखा कि उसकी सारी टोपियां गायब हैं। उसने ऊपर देखा और देखा कि सभी बंदरों ने उसकी टोपियाँ पहन रखी हैं। टोपीवाले ने ताली बजाई। बंदरों ने भी ताली बजाई।

टोपीवाले ने देखा कि बंदर वही कर रहा है जो वह करता है। टोपीवाले ने फिर अपनी टोपी जमीन पर फेंक दी। बंदर ने ऐसा ही किया। टोपीवाले ने अपनी सारी टोपियाँ समेटीं और चला गया।

नैतिक: युद्ध के हथियारों से बुद्धि बेहतर है।

3.नीला सियार(BestMotivational Story In Hindi 202223)

interesting story एक दिन एक सियार पास के गाँव में भोजन की तलाश में गया। गांव में घुसते ही बदमाशों की टोली ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। सियार इतना डर ​​गया था कि उसने कहीं छिपने का फैसला किया। उसने एक धोबी के घर में घुसकर देखा नीले रंग से भरा एक बर्तन।

छिपने की कोई जगह न पाकर सियार हौज में कूद गया। कुछ देर बाद जब उसने बाहर देखा तो बदमाश जा चुके थे। निश्चिंत होकर गीदड़ हौले से कूद गया और उसने क्या देखा? उसके हाथ, पैर, पूँछ और यहाँ तक कि उसकी मूँछें भी नीली पड़ चुकी थीं! जब वह जंगल में लौटा तो जंगल में उसे किसी ने नहीं पहचाना। सभी भयभीत होकर उसके पास से भागे।

जब सियार ने यह देखा तो उसने सोचा, “यह मेरा मौका है। अब, मैं जंगल का राजा बन सकता हूँ!”उसने जानवरों को बुलाकर कहा, “तुम इतने डरे हुए क्यों हो? मैं भगवान का प्राणी हूं। उसने मुझे तुम्हारे ऊपर शासन करने के लिए भेजा है।” सभी जानवरों ने सियार को अपना राजा मान लिया। सियार ने तब अपने दिन पूरे ऐश में बिताए।

तभी एक दिन गीदड़ों का एक दल जंगल से गुजर रहा था। वे अपनी-अपनी आवाज में चिल्लाने लगे। उनकी बात सुनकर सियार ने भी अपनी स्वाभाविक आवाज में जवाब दिया। जब अन्य जानवरों ने यह सुना, तो उन्होंने महसूस किया कि उनका राजा आखिर एक सियार था, न कि भगवान का भेजा हुआ। जानवरों ने उस पर झपट्टा मारा और उसे तुरंत मार डाला।

नैतिक: जो अपने को छोड़ देता है, नष्ट हो जाएगा।

4.ब्राह्मण का उपहार(BestMotivational Story In Hindi 202223)

एक बार एक धनी व्यक्ति ने एक ब्राह्मण को उसकी सेवाओं के लिए एक बकरा भेंट किया। बकरी को पाकर ब्राह्मण ने प्रसन्न होकर उसे अपने कंधे पर लटका लिया और अपने घर की ओर चल दिया।

रास्ते में तीन बदमाशों ने उसे देख लिया। उन्होंने सोचा, “यह बकरी हमारे लिए एक अच्छा भोजन बनाएगी। चलो हम ब्राह्मण को धोखा देने की कोशिश करते हैं और बकरी को अपने लिए ले आते हैं।” ब्राह्मण, तुम कुत्ते को कंधे पर क्यों उठा रहे हो?” ब्राह्मण चिढ़ गया और ठग पर चिल्लाया, “क्या तुम 66 अंधे हो? क्या तुम नहीं देख सकते कि यह कुत्ता नहीं, बकरी है?” ठग मुस्कुराया और कहा, “आप ऐसा कहते हैं,” और चला गया।

ब्राह्मण चलता रहा और थोड़ी देर बाद दूसरे ठग से मिला। दूसरा ठग ब्राह्मण के पास गया और बोला, “हे ब्राह्मण, तुम एक मरे हुए बछड़े को या अपने कंधे पर क्यों ले जा रहे हो? क्या यह व्यवहार तुम्हें शोभा देता है?” ब्राह्मण अब भ्रमित हो गया। उसने ठग को गंदी नजर दी और जितनी जल्दी हो सके उससे दूर चला गया।

कुछ देर बाद तीसरा ठग ब्राह्मण के पास पहुंचा और बोला, “प्रिय ब्राह्मण, तुम अपने कंधे पर गधे को क्यों लाद रहे हो?” अब, ब्राह्मण वास्तव में डर गया था। उसने सोचा, “मैं एक भूत को ले जा रहा हूं जो खुद को बदलता रहता है।” आनन-फानन में उसने बकरी को सड़क किनारे फेंक दिया और वहां से भाग गया। तीनों ठग अपनी मनचाही चीज पाने में सफल रहे। वे भोले ब्राह्मण पर दिल खोलकर हँसे।

नैतिक: व्यक्ति को अपनी आँखों पर विश्वास करना चाहिए।

5.मूर्ख शेर और चतुर खरगोश (long moral story in hindi)

best hindi kahani एक बार एक क्रूर सिंह था। अत: उसने बिना किसी प्रयोजन के पशुओं को मारा। एक दिन सभी जानवरों ने एक बैठक की और शेर को भी आमंत्रित किया। जब शेर आया तो बंदर ने कहा, “सर, अगर आप हमें ऐसे ही मारते रहे तो हम सब मर जाएंगे और फिर आप क्या खाएंगे? हम आपकी भूख मिटाने के लिए हर दिन एक जानवर आपके पास भेज देंगे।

” सिंह योजना से सहमत हैं। रोज एक जानवर शेर के पास जाता। एक दिन खरगोश की बारी आई। शेर तक पहुँचने में खरगोश को बहुत समय लगा। दूसरी ओर, शेर अधीर हो रहा था क्योंकि वह बहुत भूखा था। जब उसने सिर्फ एक खरगोश देखा, तो वह गुस्से से दहाड़ा। खरगोश अपने हांथ से जुड़ गया और बोला,

“सर, हम छह खरगोश थे। लेकिन रास्ते में एक शेर ने दूसरों को खा लिया। किसी तरह, एक आपके पास पहुंचने के लिए भाग गया।”

शेर यह सुनकर चौंक गया कि जंगल में एक और शेर है। उसने कहा, “मैं जंगल का राजा हूँ। कोई दूसरा शेर नहीं हो सकता। मुझे उस स्थान पर ले चलो जहाँ वह शेर था और मैं उसे मार डालूँगा।” बुद्धिमान खरगोश ने शेर को एक गहरे कुएँ की ओर ले जाकर कहा, “यही वह जगह है जहाँ मैंने उसे देखा था। वह अवश्य ही यहाँ छिपा होगा।” शेर ने कुएँ में झाँका और अपना प्रतिबिंब देखा। यह सोचकर कि यह दूसरा शेर है, शेर राजा कुएँ में कूद गया और जल्द ही डूब गया।

खरगोश को राहत मिली और वह दूसरे जानवरों के पास दौड़ा और उन्हें पूरी कहानी सुनाई। अन्य जानवरों ने खरगोश को उसकी चतुराई के लिए धन्यवाद दिया और उसके बाद निडर होकर रहने लगे।

नैतिक: good story बुद्धिमत्ता शारीरिक शक्ति से अधिक है।

6.ब्राह्मण का सपना (Motivational Story In Hindi)

एक बार एक गरीब ब्राह्मण था। दिन में जो मिला, खा लिया। एक दिन उसे इतने चावल मिले कि उसका हिस्सा पाकर भी उसका घड़ा भर गया। उसने बचे हुए चावलों को एक कटोरी में रखा और छत से लटका दिया। वह इतना खुश था कि उसकी नजर कटोरे से नहीं हट रही थी। वह कटोरा देखते ही सो गया। शीघ्र ही, ब्राह्मण स्वप्न देखने लगा। उसने सपना देखा कि गाँव में अकाल पड़ा है।

चूंकि खाने के लिए कुछ नहीं था, उसने चावल को सौ चाँदी के सिक्कों में बेच दिया। उन पैसों का इस्तेमाल करते हुए उसने सपना देखा कि उसने एक जोड़ी बकरियां खरीदी हैं। हर छह महीने में बकरियों के बच्चे होते थे। देखते ही देखते बकरियों का जोड़ा झुंड बन गया। तब ब्राह्मण गायों और भैंसों के लिए बकरियों के झुंड का व्यापार करता था।

गाय-भैंसों की संख्या भी बढ़ेगी। सभी गायें खूब दूध देंगी। वह कुछ दूध बेचता और कुछ दूध का उपयोग दही और मक्खन बनाने के लिए करता। वह दही-मक्खन बेचता और शीघ्र ही धनी हो जाता। उसकी समृद्धि को देखकर एक धनी व्यापारी अपनी सुंदर पुत्री का विवाह ब्राह्मण के साथ कर देता था।

लड़की एक समर्पित पत्नी होगी। वह उसके घर की देखभाल करती थी और उसके व्यवसाय में उसकी मदद भी करती थी।जल्द ही उन्हें एक बेटा होगा। वह बेटे को डांटते थे, लेकिन बेटा उसकी एक नहीं सुनता था। फिर वह बेटे को खेलने के लिए डंडा लेकर उसके पीछे दौड़ता। यह सोचकर कि वह अपने पुत्र को मार रहा है, ब्राह्मण ने पास में पड़ी एक छड़ी उठाई और उससे हवा मारना शुरू कर दिया।

छड़ी ने चावल के साथ कटोरे को मारा और सभी अतिरिक्त चावल ब्राह्मण के ऊपर गिर गए। वह अचानक उठा और उसने महसूस किया कि वह अब भी वही गरीब ब्राह्मण था और न गाय थी, न पत्नी थी और न ही बेटा। उसने छलकते हुए चावलों को देखा और उदास मन से सोचा, “किसी को भी हवा में किले नहीं बनाने चाहिए।”

Moral: हवा में महल मत बनाओ।

7.शेर कि जीवन के लिए उछला ( best inspirational story in Hindi for success, )

एक बार की बात है, चार दोस्त पैसे कमाने के लिए अपने ज्ञान का इस्तेमाल करने निकले। जब वे यात्रा कर रहे थे, तो उन्हें जंगल में कुछ हड्डियाँ मिलीं।चारों दोस्तों ने हड्डियों पर अपने कौशल और ज्ञान का परीक्षण करने का फैसला किया। पहले मित्र ने हाथ जोड़कर अस्थियों को उनके मूल रूप में जमा होने का अनुरोध किया। हड्डियों ने वैसा ही किया जैसा उन्हें बताया गया था और जल्द ही, एक शक्तिशाली जानवर का कंकाल बन गया। अब, दूसरे मित्र की बारी थी कि वह दिखाए कि उसने क्या सीखा था।

दूसरा मित्र हाथ जोड़कर आगे आया और प्रार्थना की। धीरे-धीरे कंकाल मांसपेशियों और त्वचा से ढक गया। अब तीसरे दोस्त की बारी थी। लेकिन, इससे पहले कि तीसरा मित्र प्रार्थना शुरू कर पाता, चौथा मित्र बोला, “ऐसा मत करो! क्या तुम देख नहीं सकते कि यह एक शेर है?”

“यदि आप इसमें जान डालते हैं, तो यह हम सभी को खा जाएगा।” “तुम मूर्ख हो! तुम

अनपढ़ हैं और इसलिए हमारी शक्तियों से ईर्ष्या करते हैं।” यह कहकर तीसरा मित्र सिंह में जान डालने के लिए आगे बढ़ा। चौथा मित्र ने अपना सिर हिलाया और तेजी से पास के एक पेड़ पर चढ़ गया। तीसरे मित्र ने जैसे ही शेर में जान डाली, यह उसके पैरों पर उछला और तीनों दोस्तों को खा गया।फिर संतुष्ट होकर वह जंगल में चला गया।

नैतिक: सामान्य ज्ञान के बिना शिक्षा बेकार है।

8.चूहे जो लोहा खा गया (moral stories for kids in hindi)

एक बार की बात है, एक गाँव में अकाल पड़ा। सब कुछ नष्ट हो गया। एक व्यापारी ने लोहे के तराजू को छोड़कर सब कुछ खो दिया। उसने उस तराजू को अपने दोस्त को दे दिया और अपनी किस्मत आजमाने के लिए किसी दूसरे गांव चला गया। कुछ वर्षों के बाद जब व्यापारी लौटा तो वह अपने मित्र से मिलने गया। जब उसने बैलेंस मांगा तो उसके दोस्त ने यह कहकर मना कर दिया कि चूहों ने संतुलन खा लिया था। व्यापारी समझ गया कि उसका मित्र है शेष राशि वापस नहीं करना चाहता था, लेकिन उसने कुछ नहीं कहा।

जब व्यापारी जाने को हुआ तो उसने कहा, “मित्र, कृपया अपने बेटे को मेरे साथ भेजो, मेरे पास तुम्हारे लिए उपहार हैं और यदि तुम अपने बेटे को भेजोगे, तो मैं उपहार भेज दूंगा।” मित्र उत्साहित था और अपने पुत्र को व्यापारी के पास भेज दिया।

जब रात हो गई और उसका बेटा अभी तक वापस नहीं आया, तो दोस्त को चिंता हुई। वह व्यापारी के घर गया और उससे अपने बेटे के बारे में पूछा। “क्षमा करें मित्र। लेकिन एक बाज आपके बेटे को उठा ले गया,” व्यापारी ने उत्तर दिया। मित्र को इतना सदमा लगा कि वह व्यापारी के नाम से पुकारने लगा और उसे ग्राम पंचायत ले गया।

जब पंचायत ने व्यापारी से पूछा कि बेटा कहां है तो व्यापारी ने कहा, ठीक वैसे ही जैसे चूहों का हुआ था

मित्र को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने शेष राशि व्यापारी को वापस कर दी। व्यापारी भी लौट आया बेटा दोस्त को. दोस्त ने माफी मांगी व्यापारी और वे बने रहे दोस्त हमेशा के लिए।

नैतिक: आप जो करते हैं उससे सावधान रहें क्योंकि यह आपके पास वापस आ सकता है।

9.धूर्त मध्यस्थ (Motivational Story In Hindi)

एक बार एक गौरैया अपना बिल छोड़कर अपने रिश्तेदारों से मिलने चली गई। वह बहुत देर बाद लौटी। जब वह वापस लौटी, तो उसने देखा कि एक खरगोश ने उसके छेद पर कब्जा कर लिया है।

उसने खरगोश से छेद छोड़ने के लिए कहा, लेकिन खरगोश ने जोर देकर कहा कि छेद उसका घर है। गौरैया और खरगोश दोनों बहुत देर तक लड़ते रहे। तब उन्होंने फैसला किया कि वे किसी और से अपनी समस्या का समाधान करने के लिए कहेंगे। पूरे दिन खोजने के बाद, उन्हें एक बिल्ली मिली जो एक झील के किनारे बैठी थी और ध्यान कर रही थी। दोनों ने सोचा कि वह उनकी मदद कर पाएगी। उन्होंने उसे पूरी बात बताई

कहानी। बिल्ली ने ध्यान करने का नाटक किया। फिर उसने गौरेया और खरगोश दोनों को अपने पास आने को कहा। जैसे ही वे करीब आए, वह उन दोनों पर झपट पड़ी और जल्दी से उन्हें खा गई।

नैतिक: जब दो पक्ष लड़ते हैं, तो तीसरे पक्ष को लाभ होता है।

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